February 19, 2024   Admin Desk



“इम्पैक्ट ऑफ़ आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस इन रेवोलुशनीज़िंग फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च” थीम पर इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन

रायपुर Raipur, Chhattisgarh: “इम्पैक्ट ऑफ़ आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस इन रेवोलुशनीज़िंग फार्मास्यूटिकल  एजुकेशन एंड रिसर्च” थीम पर आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन इंडियन फार्मेसी ग्रेजुएट्स एसोसिएशन की छत्तीसगढ़ इकाई एवं यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी रायपुर के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया इसके अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य फार्मेसी संस्थानों ने भी सहयोग प्रदान किया जिसमे रूंगटा समूह, शंकराचार्य समूह, रावतपुरा सरकार एवं अन्य नामचीन संस्थानों ने भी सहयोग प्रदान किया। 

सम्मेलन का उद्देश्य  आज के युग में प्रतोग की जा रही आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से संबंधित कृत्रिम  बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नई अत्याधुनिक तकनीकों को उजागर करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करना है, जो मानव ध्यान प्रक्रिया के समान परिणाम प्रदान करता है।  इसके  अलावा स्वास्थ्य लाभ के लिए अनुसंधान, नवाचार, आईपीआर, उद्योग आधारित परिणामों से निपटने वाले फार्मा बिरादरी के लिए प्रमुख प्रणाली के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पता लगाना और उसका उपयोग करना है।

सम्मेलन का उदघाटन फार्मेसी कौंसिल ऑफ़ इंडिया नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. मोंटू एम् पटेल द्वारा किया जाकर उन्होंने अपने उदबोधन में कहा कि आर्टिसिअल इंटेलिजेंस का शिक्षा एवं अनुसन्धान में उपयोग किया जा सकता हैं इसके अलावा चिकत्सा के क्षेत्र में भी डाटा बेस के तौर पर भी उपयोग होता हैं जिससे गंभीर से गंभीर रोगो का उपचार संभव हैं उन्होंने यह भी कहा कि फार्मेसी कॉउन्सिल ऑफ़ इंडिया इस वर्ष से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक जी पैट क्वालिफाइड स्टूडेंट्स को स्कालरशिप प्रदान करेगा। 

सम्मेलन में उपस्थित इंडियन फार्मेसी ग्रेजुएट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अतुल नासा ने  कहा कि संगठन ने कोवीड महामरी के दौरान आवश्यक वेक्सीन बनाकर सहयोग किया। 

इसके अलावा इंडियन फार्मेसी ग्रेजुएट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ अरुण गर्ग ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे संगठन का वेलफेयर ट्रस्ट गरीब एवं मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृति प्रदान कर उन्हें अपनी शिक्षा अर्जित करने में सहयोग प्रदान करता हैं। 

इंडियन फार्मेसी ग्रेजुएट एसोसिएशन की मध्य क्षेत्र के उपाध्यक्ष  डॉ. दीपेंद्र सिंह राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली 2020 पर प्रकाश डालते हुए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी तथा यह भी कहा कि नयी शिक्षा प्रणाली से शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचुल परितवर्तन अवश्यम्भावी हैं। 

तकनीकी सत्र में  विभिन्न आमंत्रित वक्ताओं ने प्रतिभागियों को सम्बोधित किया जिसमे नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर, डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार की एनिमल फैसिलिटी के वेटेरिनारियन इंचार्ज डॉ. इंद्रजीत यादव, वाशिंगटन डी सी स्थित होवार्ड यूनिवर्सिटी की कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप के कालरा, एवं एल एल सी यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका के श्री नवीन आदित्य शामिल थे। 

गौरतलब है कि 17 फरवरी को संगठन कि केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया जाकर फार्मेसी के क्षेत्र के उन्नयन के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई तथा फार्मेसी कौंसिल ऑफ़ इंडिया के सहयोग से उन्हें लागु करने की भी अनुशंषा की गई। 



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